0

संभाजी महाराज महान यौद्धा


संभाजी महाराज
जिन्होंने महाराष्ट्र के भूमि में स्वराज्य स्थापन करने की मनषा देखी जिन्होंने महाराष्ट्र के भूमि में मुगलों शासकों का खात्मा करके मराठा सरदारों का राज्य स्थापन किया उन्हीं छत्रपति शिवाजी महाराज के लड़के का नाम छत्रपति शिव शंभू महाराज संभाजी महाराज संभाजी महाराज अपनी कम उम्र में ही उच्च विद्या विभूषित हो गए थे

उन्होंने अपने कम उम्र में ही अनेक शास्त्रों और युद्ध नीति धर्म काव्य का अभ्यास किया था वह बहुत ही होशियार और प्रजा का रक्षण करने वाले राजा थे यह भारत का वह सपूत है जिन्होंने अपनी पूरी उम्र में एक भी युद्ध नहीं हारा

यह वह राजा छत्रपति संभाजी महाराज है जिन्होंने लोग कहते हैं कि छत्रपति संभाजी महाराज ने शेर और उनके बीच हुई लड़ाई में उन्होंने शेर का जबड़ा फाड़ दिया था यह वह संभाजी महाराज है जिसके अंग में 10 हाथियों का बल था और चपलता थी वह बहुत ही होशियार थे वह साहसी और पराक्रमी थे

राजा संभाजी महाराज इनका जन्म  पुरंदर  किले पर 14 मई 1657 में हुआ  उनके पिता का नाम  छत्रपति शिवाजी महाराज का  माता का नाम सई बाई  और पत्नी का नाम यशु बाई था छत्रपति संभाजी राजे यह ऐसा सुर योद्धा जिसने अपनी 31 साल की उम्र तक एक भी युद्ध नहीं हारा

छत्रपति संभाजी राजे यह छत्रपति शिवाजी महाराज के उत्तराधिकारी और मराठा साम्राज्य के सम्राट थे उन्होंने अपने काल में 120 युद्ध किए और एक में भी पराजय नहीं स्वीकारी छत्रपति संभाजी महाराज शूरवीर और ज्ञानी भी थे उन्होंने अपनी केवल 14 साल की उम्र में ही बुधभूषण नखशिख नायिका भेद वह 778 नाम के तीन संस्कृत ग्रंथ लिखे छत्रपति संभाजी महाराज बचपन से ही बहुत होशियार थे

उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को औरंगजेब की तुरुंग से निकालने में भी बहुत मदद की थी उनकी आयुर्मान तब सिर्फ 9 वर्ष की थी संभाजी राजे इतनी शुर और पराक्रमी थे की औरंगजेब ने कसम खा ली थी जब तक छत्रपति संभाजी को मारेंगे नहीं वह सर पर की मोस्ट नहीं चढ़ाएंगे

छत्रपति शिवाजी महाराज की मृत्यु के बाद 10 जनवरी 1681 में संभाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ उसके कुछ वर्षों पश्चात ही कुछ फितूर के कारण 1689 मैं मुगल सरदार मुकर्रम खान ने संभाजी राजा और उनके साथ कवि कलश को बंदी बना लिया और औरंगजेब के हवाले कर दिया

औरंगजेब ने राजा संभाजी की और कवि कलश की जुबान काट दी और आप ही निकाल दी और शरीर के टुकड़े करके उनको मार दिया इस तरह एक महान योद्धा का अंत होगा जो सिर्फ स्वराज्य के लिए लड़ा _कुछ लेखकों ने संभाजी राजा के प्रति अच्छी बातें नहीं लिखी

लेकिन संभाजी राजे एक उत्तम शासक और शासित राजा थे उनकी कुशलता असमान थी वह महाराष्ट्र के स्वराज्य के लिए लड़ने वाले राजाओं में से एक बहुत ही शूर वीर और पराक्रमी राजा थे जो बातें अब निकल के आ रही है कि संभाजी राजा इन जैसा कोई राजा हो ही नहीं सकता

जिनोने  अपने काल में 120 युद्ध किए एक ऐसा योद्धा जिसने अपनी 31 साल की उम्र तक एक भी युद्ध नहीं हारा प्रणाम उस महान योद्धा को जो साहस और पराक्रम का प्रतीक है

Author

Amol Kambale is founder "India-mirror" he has an interested in job news blog and entertainment topics and whatsoever his passion dedication

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *